ममता बनर्जी के ‘पांडव-कौरव’ बयान पर महाराष्ट्र मंत्री बावनकुले का तगड़ा पलटवार
नागपुर : महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोला है। नागपुर में मीडिया के साथ बातचीत करते हुए बावनकुले ने ममता बनर्जी से पूछा कि वह खुद बताएं कौरव कौन हैं और पांडव कौन। उन्होंने दावा किया कि चुनाव जीतने के लिए बीजेपी के पांच पांडव ही काफी हैं, जबकि कौरवों की फौज ममता बनर्जी के पास है। यह बयान ममता बनर्जी के उस आरोप के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने बीजेपी को कौरव और अपनी पार्टी टीएमसी को पांडव बताया था।
बावनकुले ने ममता बनर्जी पर कौरवों की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने साफ कहा कि बीजेपी ऐसी राजनीति नहीं करती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में बीजेपी सच्चाई, ईमानदारी और पारदर्शी तरीके से चुनाव लड़ना चाहती है। इसके उलट, बावनकुले के मुताबिक, ममता बनर्जी कौरवों की तरह बूथ कैप्चर करके चुनाव जीतना चाहती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल की जनता आगामी चुनाव में यह बताएगी कि वह किसके साथ खड़ी है।
बीजेपी की चुनावी रणनीति का जिक्र करते हुए बावनकुले ने बताया कि महाराष्ट्र बीजेपी के विधायक, सांसद, मंत्री और पार्टी पदाधिकारी केरल और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए जाएंगे। यह बीजेपी की राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा है, जहां वह अलग-अलग राज्यों से अपने नेताओं को चुनावी राज्यों में भेजकर प्रचार अभियान को मजबूत करती है। यह दिखाता है कि बीजेपी पश्चिम बंगाल और केरल में अपनी पूरी ताकत झोंक रही है, जहां उसके लिए सीटें जीतना महत्वपूर्ण है।
ममता बनर्जी ने क्या कहा था, जिस पर हुआ पलटवार
दरअसल, महाराष्ट्र के मंत्री का यह बयान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गुरुवार को दिए गए संबोधन का जवाब है। ममता बनर्जी ने बर्धमान के पांडवेश्वर और बीरभूम जिले में अपने भाषण के दौरान बीजेपी और चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने टीएमसी को पांडव और बीजेपी को कौरव बताया था। मुख्यमंत्री ने खुले तौर पर कहा था कि यह चुनाव कौरवों के साथ पांडवों की लड़ाई है। ममता बनर्जी के इस बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गर्मी को और बढ़ा दिया था, जिस पर अब बीजेपी की ओर से यह तीखा पलटवार आया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘कौरव-पांडव’ जैसी पौराणिक उपमाओं का इस्तेमाल भारतीय राजनीति में अक्सर भावनात्मक जुड़ाव और मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए किया जाता है। महाभारत की यह कहानी न्याय और अधर्म के बीच की लड़ाई के रूप में देखी जाती है, और नेता अक्सर खुद को न्याय के पक्ष में और अपने विरोधियों को अधर्म के पक्ष में चित्रित करने का प्रयास करते हैं। ममता बनर्जी ने खुद को पांडवों के पक्ष में रखकर बीजेपी पर हमला बोला था, और अब बावनकुले ने उसी उपमा का इस्तेमाल करते हुए ममता पर पलटवार किया है।
ममता बनर्जी के आरोपों का जवाब देने के लिए तैयार बीजेपी
बावनकुले के बयान से साफ है कि बीजेपी पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के हर आरोप का करारा जवाब देने की तैयारी में है। चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी और तीखी होती जा रही है। बीजेपी का दावा है कि वह सच्चाई और पारदर्शिता के रास्ते पर है, जबकि ममता बनर्जी पर वह बूथ कैप्चरिंग और गलत तरीकों से चुनाव जीतने की कोशिश का आरोप लगा रही है। आगामी विधानसभा चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इन आरोपों और पलटवारों को कैसे देखती है और किसे जनादेश देती है।
महाराष्ट्र के नेताओं का पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए जाना भी बीजेपी की रणनीति का एक अहम हिस्सा है। यह दर्शाता है कि पार्टी पश्चिम बंगाल को कितनी गंभीरता से ले रही है और पूरे देश से अपने संसाधनों और नेताओं को वहां जुटा रही है। यह चुनाव सिर्फ राज्य का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बीजेपी और विपक्षी दलों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है।

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