अभय शर्मा 
भोपाल। भले ही सरकार कुपोषण की स्थिति में सुधार को लेकर लाख दावे करे, लेकिन स्थिति ठीक उलट है. सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बाद भी स्थिति में बदलाव नहीं आ रहा है. यह हम नहीं कह रहे, बल्कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जो ग्रेडिंग सूची तैयार की गई है उसमें सामने आया है. राजधानी भोपाल तो ग्रेडिंग के मामले में सबसे पीछे रहा है. भोपाल प्रदेश के जिलों को लेकर ग्रेडिंग में अंतिम स्थान पर है.   
दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों का मूल्यांकन किया जाता है. इसकी हर माह रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाती है. इसके पीछे उद्देश्य है कि सरकार द्वारा संचालित की जा रही योजनाओं का लाभ मिले और आंगनबाडिय़ां बेहतर बने. महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जून माह की जो रिपोर्ट तैयार की गई है, उसमें एक भी जिला 61 अंक प्राप्त नहीं कर पाया है. खंडवा जिला 60.91 अंक प्राप्त कर प्रथम रहा है, वहीं भोपाल जिले ने मासिक ग्रेडिंग में 35.64 अंक प्राप्त किए हैं. ग्रेडिंग सूची सामने आने के बाद एक बार फिर महिला एवं बाल विकास विभाग सवालों के घेरे में आ गया है. 
इन बिंदुओं पर होता है तमूल्यांकन 
मासिक ग्रेडिंग तैयार करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर दी जा रही सुविधाओं, आंगनबाड़ी केंद्रों का अधिकारियों द्वारा निरीक्षण, बच्चों का बजन लेना, घर घर जाकर संचालित योजनाओं की जानकारी देना और सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित करना, अनौपचारिक शिक्षा सहित डेढ़ दर्जन से अधिक बिंदुओं को ग्रेडिंग के लिए शामिल किया गया है. मुख्यमंत्री ने मासिक ग्रेडिंग तैयार करने को लेकर निर्देश दिए हैं, जिसके बाद ग्रेडिंग का कार्य शुरू किया गया है. 
ऐसे करना थी ग्रेडिंग 
मिली जानकारी अनुसार जो निर्देश जारी किए गए थे उसके मुताबिक 75 से अधिक अंक प्राप्त करने पर ए + ग्रेड, 75 व 60 के बीच अंक प्राप्त करने पर ए ग्रेड, 60 व 45 के बीच अंक प्राप्त करने पर बी ग्रेड, 45 से 30 के बीच अंक प्राप्त करने पर सी ग्रेड तथा 30 से नीचे अंक प्राप्त करने पर डी ग्रेड देने का प्रावधान किया गया था.  
जिलों को प्राप्त अंक 
कटनी 60.68 अंक प्राप्त कर दूसरे स्थान पर है, वहीं बड़वानी 60.33 अंक प्राप्त किए हैं. उज्जैन ने मासिक ग्रेडिंग में 58.4 अंक, जबलपुर 54.88 अंक, शिवपुरी 49.98, बालाघाट 47.96, भोपाल 35.64, भिंड 36.06, राजगढ़ 37.47, विदिशा 37.22 अंक प्राप्त कर पाया है. इससे इन जिलों में महिला एवं बाल विकास की गतिविधियों का अंदाजा सहज ढंग से लगाया जा सकता है. 
ग्रेडिंग लिस्ट सामने आते ही आयुक्त ने दिए निर्देश 
लिस्ट सामने आते ही आयुक्त ने दिए निर्देश 
आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रदाय सेवाओं व अन्य गतिविधियों की वस्तुस्थिति सामने आने के बाद  महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने समस्त संयुक्त संचालक, जिला कार्यक्रम अधिकारी के अलावा बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि केंद्रों का सतत रूप से निरीक्षण करें, साथ ही विभागीय गतिविधियों में सुधार हो इसके लिए कार्रवाई सुनिश्चित करें.
 
 
 
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