सुरेन्द्रसिंह रघुवंशी
 
गंजबासोदा// रेलवे  विभाग ओर उसके जिम्मेदार रेलवे यात्रियों को सुविधाए देने के लाख दावे कर ले लेकिन जमी पर हकिकित कुछ और ही नजर आती है। जिंन्हे न रेल की न यात्रियों की सुरक्षा का ख्याल है, ख्याल है तो सिर्फ अपनी सुरक्षा बढ़ाने का। आज भी ट्रेनों में भेड़ बकरियों की तरह यात्रियों को सफर करते देखा जा सकता है। आज सुबह स्थानीय रेल्वे स्टेशन पर जैसे ही इंदौर-हावड़ा क्षिप्रा एक्सप्रेस स्टेशन से पर रुकी ही थी कि उसमे नगर से जेनतीर्थकर यात्रा पर जाने वाले लगभग 300 यात्रियों को इंदौर से परीक्षा देकर लौट रहे परीक्षार्थीयो ने उन्हें  रिजर्वेशन बोगी में नही चढ़ने दिया तो वही  ट्रेनों पर पत्थरबाजी कर रेलवे स्लीपाटो को पटरियों के बीच रख करीब 3-4 घँटे तक जमकर हुड़दंग मचाया।*
 
सूत्रों कि माने तो उक्त मामला दो-तीन दिन से चल रहा है रेलवे प्रशासन ने परीक्षार्थीयो को लेकर कोई बेकल्पिक व्यवस्था नही की। रेलवे ने इन परीक्षार्थीयो का परीक्षा सेंटर 500-600 किलोमीटर दूर बना दिए। बताया जाता है कि इनमें अधिकांश परीक्षार्थी बिहार राज्य के थे। जहा ये परीक्षार्थी ट्रेनों में जान जोखिम में डाल परीक्षा देने पहुँचे तो वही इन परीक्षार्थीयो ने ट्रेन में हुड़दंग करते हुए आम यात्रियों की यात्रा भी परेशानी भरी कर दी। आज नगर के जैन तीर्थंकर यात्रा पर जाने वाले करीब 300 यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने से रोका जिससे गुस्साये यात्रियो एवं परीक्षार्थीयो के बीच काफी विवाद होता रहा जो करीब चार घंटे तक चलता रहा हुड़दंगी परीक्षार्थीयो ने स्टेशन पर हंगामा करते हुऐ रेलवे सिलिपाटो को पटरियों के बीच रख दिया और स्टेशन से गुजरने वाली अन्य ट्रेनों में भी पत्थरबाजी की। 3-4 घँटे तक चली इस हुड़दंग को आरपीएफ ओर जीआरपी पुलिस मूक दर्शक बनी देखती रही। मौके पर पहुचे स्थानीय विधायक निशंककुमार जैन और प्रसासनिक अधिकारीयो ने परीक्षार्थीयो को समझाया पर उन्होंने रिजर्वेशन वाले यात्रियों को ट्रेन में ही नही चढ़ने दिया। अब सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि रेलवे के जिम्मेदार लोगों को क्या इतनी बड़ी तादात में परीक्षा में पहुचने वालो की जानकारी नही थी..? जानकारी थी तो सेकड़ो किलोमीटर तक परीक्षा देने आने वाले परीक्षार्थीयो के लिए अलग से स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था क्यो नही की..? वही ये ट्रेन इंदौर,उज्जैन भोपाल जँगशन पार करती हुई आई और रेलवे के अधिकारियों को ये भीड़ नजर नही आई, कि रिजर्वेशन करा कर यात्रा करने वाले यात्रियों का क्या हाल हो रहा होगा..? आगे वाली स्टेशन अर्थात बासौदा में तीन सेकडॉ रिजर्वेशन वाले यात्रियों को कैसे यात्रा करवायेगी.? रेलवे की लापरवाही का खमियाज़ा महीनों पहले से यात्रा के लिए रिजर्वेशन कराने वालों को अपनी यात्रा रद्द करके उठाना पड़ा। पर रेलवे के जिम्मेदार अफ़सरो ने इस पूरे मामले से ही पल्ला सा झाड़ लिया।