इंदौर. मध्य प्रदेश का इंदौर शहर कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों (Covid-19 infected patients)के मामले में देश के टॉप 10 शहरों में शुमार इंदौर (Indore) में तमाम प्रयासों के बावजूद कोरोना संक्रमण पर काबू नहीं पाया जा सका है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की चेतावनियों के मद्देनजर शहर में दस से पंद्रह हजार मरीजों के इलाज की व्यवस्था की जा रही हैं. इंदौर के आला अफसरों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर इलाज के लिए कई स्थानों को चिन्हित किया है, जिसमें आईआईटी और आईआईएम भी शामिल हैं. दोनों संस्थानों के डायरेक्टर्स से कहा गया है कि वे संस्थान में प्रवेश परीक्षाओं की तिथि को नए सिरे से निर्धारित करें.

इलाज की जुटाई जा रहीं व्यवस्थाएं
इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि आईआईटी और आईआईएम में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए व्यवस्थाएं जुटाई जा रही हैं. पहले चरण में यहां मरीजों को क्‍वारंटाइन करने और दूसरे चरण में इलाज तक की व्यवस्था की जा रही हैं. दोनों संस्थानों में बड़ी संख्या में मरीज रखे जा सकते हैं.

एमवाय में भी होगा कोरोना मरीजों का इलाज
इंदौर शहर में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों की चिंता के साथ आगामी दिनों के लिए प्रशासन मुस्तैद है, ऐसे में महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल की ऊपरी तीन मंजिल में कोविड वार्ड बनाया जाना भी प्रस्तावित हैं. वैसे एमवाय अस्पताल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल है. ऐसी स्थिति में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए यह कारगर पहल होगी. पिछले दिनों जनप्रतिनिधियों के सुझाव आए थे कि इस कोरोना काल में जो शासकीय अस्पताल है उन्हें ही सुदृढ़ बनाया जाए बजाय अन्य गैर शासकीय अस्पतालों के. इसलिए सरकार और स्थानीय प्रशासन मिलकर एमवाय अस्पताल की तीन मंजिलों को कोविड वार्ड के रूप में तैयार करेंगे, जिससे जनता को भी राहत मिल सके.

इंदौर में कोरोना का कहर
मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना संक्रमण के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं. जबकि शहर में देश का सबसे सख्त लॉकडाउन लागू होने का दावा किया ज रहा है. गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के मेडिकल बुलेटिन में 78 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं, जिसके बाद पॉजिटिव मरीजों की संख्या 3260 पर पहुंच गई है. पिछले 24 घंटे में 1317 सैंपल लिए गए, जिसमें से 891 सैंपल की जांच की गई. इसमें से 769 सैंपल निगेटिव निकले और 78 पॉजिटिव पाए गए. इंदौर देश के उन टॉप जिलों में शामिल है, जिनमें कोरोना संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं.