राज्य की 48 सीटों में से 17 सीट पर वर्तमान विधायक चुनाव लड़ रहे थे, जिसमें से 6 संसद तक पहुंचने में कामयाब रहे हैं। इन्हें अगले 12 दिनों के अंदर इस्तीफा देना होगा। इनमें भाजपा-शिवसेना के 2-2, कांग्रेस के एक और एआईएमआईएम के एक विधायक शामिल हैं।

ये 6 विधायक संसद पहुंचे

गिरीश बापट: राज्य सरकार में मंत्री गिरीष बापट पुणे से लोकसभा चुनाव जीत गए हैं। बापट ने कांग्रेस के मोहन जोशी को पराजित किया है।

उन्मेष पाटिल: बीजेपी के ही चालीसगांव से विधायक उन्मेष पाटील ने राकांपा के गुलाबराव पाटील को चुनाव में पछाड़ा है।

सुरेश धानोरकर:  शिवसेना के बागी और कुछ दिन पहले कांग्रेस में शामिल हुए विधायक सुरेश धानोरकर ने चंद्रपुर से बीजेपी के दिग्गज व केंद्र में मंत्री रहे हंसराज अहिर को हरा दिया है। कांग्रेस यही एक सीट जीत सकी है।

हेमंत पाटील: नांदेड दक्षिण विधानसभा से शिवसेना के विधायक हेमंत पाटील हिंगोली से सांसद बन गए हैं।

प्रताप गोविन्दराव चिखलीकर: लोहा विधानसभा से शिवसेना के विधायक प्रताप चिखलीकर ने कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक चव्हाण को चुनाव हरा दिया है। चिखलीकर ने अशोक चव्हाण को 40,010 मतों से अंतर से पराजित किया।

इम्तियाज जलील: औरंगाबाद लोकसभा के त्रिकोणीय लड़ाई में एमआईएम के विधायक इम्तियाज अली ने शिवसेना के दिग्गज चंद्रकांत खैरे को पराजित कर किया है। बता दें कि शिवसेना के विधायक हर्षवर्धन जाधव भी पार्टी से अलग होकर चुनाव लड़ रहे थे। यही नहीं इनके अलावा विधान परिषद के सदस्य सुभाष जांबड को कांग्रेस ने उतारा था। 

इन 11 विधायकों को देखना पड़ा हार का मुंह
इस बार कुल 11 विधायक अपना चुनाव हार गए हैं। जिनमें कांग्रेस के विधायक के.सी. पडवी, कुणाल पाटील और भाऊसाहेब कांबले, विधान परिषद के सदस्य सुभाष जांबड, बीजेपी से बागी हुए धुले से विधायक अनिल गोटे, भारित बहुजन महासंघ के विधायक के बलिराम सिरस्कार, माकपा के एकमात्र विधायक जीवा पांडू गावित और राकांपा के संग्राम जगताप, विधायक राणा जगजीत सिंह पाटील शामिल हैं।

वहीं कन्नड विधानसभा से शिवसेना के विधायक हर्षवर्धन जाधव ने भी विधायकी से इस्तीफा देकर अपनी पार्टी के उम्मीदवार चंद्रकांत खैरे के सामने चुनाव मैदान में कूंद पड़े। इनकी विधायक गई और चुनाव भी हार गए गए। उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के विधायक सुभाष पासी भी उत्तर पश्चिम मुंबई से चुनाव हार गए हैं।