दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-आयुष्मान भारत का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को झारखंड की राजधानी रांची से किया. इस योजना के जरिए देश के 50 करोड़ को स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा.
सभी को बेहतर स्वास्थ्य लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत मिशन सही मायने में एक भारत एवं सभी को एक तरह के उपचार की भावना के साथ समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करता है. पीएम मोदी ने कहा कि यह योजना अगले दो महीने में देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू हो जाएगी.
पांच राज्य योजना में शामिल नहीं
लेकिन आयुष्मान योजना का लाभ फिलहाल देश के पांच के राज्यों के लोगों को नहीं मिलेगा. ये पांच राज्य तेलंगाना, उड़ीसा, दिल्ली, केरल और पंजाब है. मोदी सरकार के मुताबिक अभी तक इन राज्यों का केंद्र सरकार के साथ करार नहीं हो पाया है. इसलिए फिलहाल इन पांचों राज्यों में ये स्कीम उपलब्ध नहीं होगी.
केंद्र से गतिरोध की वजह से बाहर!
करार के बाद ही तेलंगाना, उड़ीसा, दिल्ली, केरल और पंजाब के लोगों को आयुष्मान योजना के तहत फायदा मिल पाएगा. दरअसल इस योजना से जुड़े कुछ पहलुओं को लेकर राज्य सरकार और केंद्र के बीच गतिरोध है. जिस वजह से ये राज्य फिलहाल योजना से बाहर है. इन पांचों राज्यों के छोड़कर सभी राज्यों में एक साथ ये योजना लागू हो गई.
पीएम मोदी ने कहा कि 1300 गंभीर बीमारियों का इलाज सरकारी ही नहीं निजी अस्पताल में होगा. साथ ही यदि किसी को पहले से भी कोई बीमारी है तो उसको भी इस आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभ मिलेगा.
रांची के प्रभात तारा मैदान में आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत करते हुए मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना संप्रदाय, जाति, ऊंच-नीच के आधार पर योजना नहीं होगी. व्यक्ति चाहे किसी भी जाति से हो, किसी भी बिरादरी से हो, किसी भी सम्प्रदाय से हो, इसमें कोई भेदभाव नहीं होगा.  
यही है....सबका साथ, सबका विकास हैउन्होंने कहा, 'सभी को आयुष्मान भारत का लाभ मिलेगा और यही 'सबका साथ, सबका विकास है.' प्रधानमंत्री ने कहा कि जब से देश आज़ाद हुआ, लोग 'गरीबी हटाओ' के नारे सुनते आए. गरीबों के नाम पर राजनीति करने के बजाय गरीबों के सशक्तिकरण पर बल दिया जाता, तो देश वैसा नहीं होता जैसा आज है.
मोदी ने कहा कि देश के 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा देने वाली यह दुनिया की सबसे बड़ी योजना है. इस योजना के लाभार्थियों की संख्या पूरे यूरोपीय संघ की कुल आबादी के बराबर है.
उन्होंने कहा कि अगर आप अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको, इन तीनों देशों की आबादी को भी जोड़ दें, तो उनकी कुल संख्या इस योजना के लाभार्थियों की संख्या के करीब ही होगी.
13 हजार अस्पताल सूचीबद्ध
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि जो राज्य इस योजना से जुड़े हैं, उनमें रहने वाले व्यक्ति किसी भी राज्य में जाएं, उन्हें इस योजना का लाभ मिलता रहेगा. अभी तक देशभर के 13,000 से अधिक अस्पताल इससे जुड़ चुके हैं.
1300 से अधिक बीमारियां दायरे में  प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना कितनी व्यापक है इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि कैंसर, दिल की बीमारी, गुर्दे और लीवर की बीमारी, मधुमेह समेत 1300 से अधिक बीमारियों का इलाज इसमें शामिल है. उन्होंने कहा कि इन गंभीर बीमारियों का इलाज सरकारी ही नहीं बल्कि अनेक प्राइवेट अस्पतालों में भी किया जा सकेगा.
उन्होंने कहा कि सरकार देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को सुधारने के लिए समग्र तरीके से कार्य कर रही है. एक तरफ सरकार वहनीय स्वास्थ्य सेवा पर ध्यान दे रही है, तो वहीं दूसरी ओर रोकथाम पर आधारित स्वास्थ्य सेवा पर भी जोर दिया जा रहा है.
मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से दो महापुरुषों का नाता जुड़ा है. अप्रैल में जब योजना का पहला चरण शुरू हुआ था तो उस दिन बाबा साहेब अंबेडकर का जन्मदिन था. अब इसी कड़ी में, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, दीन दयाल उपाध्याय जी के जन्मदिवस से दो दिन पहले शुरू हुई है.
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में सरकारी धन से इतनी बड़ी योजना किसी भी देश में नहीं चल रही है. प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति को, गरीब से भी गरीब को इलाज मिले, स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा मिले, आज इस विजन के साथ बहुत बड़ा कदम उठाया गया है.
हर परिवार को 5 लाख का बीमा
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत के संकल्प के साथ, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आज से लागू हो रही है. आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि 5 लाख रुपये तक का जो खर्च है उसमें अस्पताल में भर्ती होने के अलावा जरूरी जांच, दवाई, भर्ती से पहले का खर्च और इलाज पूरा होने तक का खर्च भी शामिल है.
हेल्पलाइन नंबर पर करें कॉल
पीएम ने बताया कि अगर किसी को पहले से कोई बीमारी है तो उस बीमारी का भी खर्च इस योजना द्वारा उठाया जाएगा. 14555 नंबर पर फोन करके या फिर अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर भी योजना के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है.
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत’ योजना में अस्पताल में भर्ती से तीन दिन पहले से 15 दिन बाद तक की दवाओं और जांच खर्च भी शामिल होगा.
आयुष्मान भारत के सीईओ डॉ. इंदु भूषण का दावा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी फंड वाला स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है.
इस योजना के दायरे में गरीब, वंचित ग्रामीण परिवार और शहरी श्रमिकों परिवारों की पेशेवर श्रेणियां आयेगी. नवीनतम सामाजिक आर्थिक जातीय जनगणना (एसईसीसी) के हिसाब से गांवों में ऐसे 8.03 करोड़ और शहरों में 2.33 परिवार हैं, योजना का लाभ करीब 50 करोड़ लोगों को मिलेगा.
एसईसीसी के डाटाबेस में वंचना के आधार पर पात्रता तय की जा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में वंचना की श्रेणियों (डी1, डी2, डी3, डी4, डी5, डी6 और डी7) के आधार पर लाभार्थियों की पहचान की गई है.