ग्‍लोबल वार्मिंग के बढ़ते खतरे के बीच एक अच्छी खबर आई है. एक ऐसी ट्रेन लॉन्च हो गई है जो कई किलोमीटर के सफर तो तय करेगी लेकिन उससे कोई प्रदूषण नहीं होगा.
आपको बता दें कि ग्‍लोबल वार्मिंग के लिए कार्बन गैसों का उत्‍सर्जन सबसे बड़ी वजह है. वहीं ये ट्रेन हाइड्रोजन ट्रेन, जिसे रविवार को जर्मनी में टेस्ट  किया गया.
इस ट्रेन से बिल्‍कुल प्रदूषण नहीं होगा. इस हाइड्रोजन ट्रेन को पॉल्‍यूशन-फ्री और इको-फ्रेंडली ट्रेन बताया जा रहा है.
इसमें लिथियम-आयन बैटरी होगी, जिसका इस्‍तेमाल मोबाइल फोनों और कई घरेलू उत्‍पादों में भी होता है. जर्मनी में पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन की टेस्टिंग हुई है.
Alstom कंपनी की इस ट्रेन कोराडिया इलिट (Coradia iLint) की नॉर्थ जर्मनी में हमबर्ग के पास कामर्शियल सर्विस शुरू की गई है. 
पहली बार इस हाइड्रोजन ट्रेन को 62 मील(लगभग 100 किमी) लंबे ट्रैक पर दौड़ाया गया. इस ट्रेन को TGV बुलेट ट्रेन बनाने वाली फ्रेंच कंपनी अलस्टोम (Alstom) ने तैयार किया है.
इस ट्रेन में हाइड्रोजन फ्यूल सेल हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की मिक्सिंग से इलेक्ट्रिसिटी जेनरेट करते हैं. यह इलेक्ट्रिसिटी ट्रेन में लगी लिथियम आयन बैटरी को चार्ज करती है और इसकी मदद से ट्रेन ऑपरेट होती है. यह उत्सर्जन के रूप में यह पानी और भाप छोड़ेगी.
आने वाले समय में ऐसी और 14 ट्रेन लॉन्च करने की संभावना है. जर्मनी के अलावा फ्रांस, ब्र‍िटेन और कई यूरोपिय देशों में में भी हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की योजना है.
इस ट्रेन की वर्तमान में अधिकतम गति 140 किमी प्रति घंटा है. एक ट्रेन की कीमत 7 मिलियन डॉलर यानी करीब 51 करोड़ रुपये है. कंपनी का कहना है कि भविष्य में ज्यादा संख्या में इस ट्रेन के इस्तेमाल से इसकी कॉस्ट‍िंग में कमी आएगी. इस ट्रेन को जीरो इमिशन ट्रेन बताया जा रहा है.