नई दिल्ली: टीम इंडिया का इंग्लैंड दौरा खत्म हो गया है. इस दौरे की शुरुआत टीम इंडिया के लिए जितनी शानदार थी, उसका अंत हताशा के साथ हुआ. टीम इंडिया ने इस दौरे पर इंग्लैंड को टी20 सीरीज में 2-1 से मात दी. उसके बाद वनडे सीरीज भारत ने 2-1 से गंवा दी. इससे ज्यादा निराशाजनक टीम इंडिया के लिए टेस्ट सीरीज रही जिसमें उसकी 1-4 से हार हुई जिसमें से दो मैंचों में उसकी नजदीकी हार हुई जबकि एक मैच वह ड्रॉ करने से चूक गई. 

इस दौरे का टीम पर गहरा असर हुआ है जो कि तीन दिन बाद शुरू हो रहे एशिया कप में जरूर दिखाई देगा. एशिया कप में  शिखर धवन, केएल राहुल, कुलदीप यादव, हार्दिक पांड्या, युजवेंद्र चहल, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, शार्दुल ठाकुर, दिनेश कार्तिक ही ऐसे खिलाड़ी हैं जो कि इंग्लैंड दौरे में टीम इंडिया में थे. इनमें चहल टेस्ट टीम में नहीं थे. भुवनेश्वर कुमार भी टेस्ट टीम में चोट की वजह से नहीं खेल पाए थे. वहीं शार्दुल ठाकुर टेस्ट टीम में थे लेकिन कोई भी टेस्ट में नहीं खेल नहीं सके थे. 

कई चुनौतियां होंगी टीम इंडिया के लिए
टीम के ये खिलाड़ी इंग्लैंड दौरे की से कुछ अच्छी और कुछ अनचाही चीजें जरूर अपने साथ ले जाएंगे. टेस्ट टीम के बल्लेबाजों के पास टेस्ट प्रारूप से वनडे प्रारूप में ढलने की चुनौती जरूर होगी. इस लिहाज से केएल राहुल का फॉर्म देखना दिलचस्प होगा. वहीं शिखर धवन पर टेस्ट में नाकामी का दबाव जरूर दिखाई देगा. बुमराह पर टेस्ट सीरीज की थकान का असर दिखाई दे सकता है. वे करीब एक महीने के टेस्ट प्रारूप के बाद वे अपने डेथ ओवर्स का हुनर कैसे लौटाते हैं यह उनके लिए चुनौती बन सकती है. हार्दिक को इंग्लैंड में अंतिम टेस्ट में शामिल न किया जाना उनके लिए एशिया कप में फायदेमंद साबित हो सकता है. उन्हें एशिया कप में ढलने के लिए कुछ समय तो मिल ही गया होगा. 

टेस्ट और वनडे सीरीज की हताशा तो कुछ हद तक होगी ही
टीम इंडिया इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज से हताश जरूर हो सकती है लेकिन यह हताशा टीम इंडिया पर एशिया कप में भी दिखे इसकी संभावना कम ही है लेकिन रोहित, धोनी और भुवनेश्वर कुमार अभी इंग्लैंड से वनडे सीरीज की हार नहीं भूले होंगे. इसका असर जरूर टीम पर दिखेगा लेकिन हताशा के रूप में नहीं बल्कि चुनौती के रूप में. ये सभी खिलाड़ी काफी अनुभवी हैं. वे जानते हैं कि एशिया कप में हालात इंग्लैंड से काफी अलग हैं, टीमें अलग हैं तो उनसे निपटने की रणनीति भी अलग होगी. तैय़ारी और चुनौती अलग होने के बावजूद टीम को नए उत्साह की जरूरत होगी. 

 

विराट को आराम की यह है वजह
विराट कोहली को इस टूर्नामेंट के लिए आराम दिया गया है. रोहित शर्मा विराट कोहली की गैरमौजूदगी में इस टूर्नामेंट की कप्तानी करेंगे जो इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज का हिस्सा नहीं थे. विराट कोहली कमर हाल ही में तकलीफ से जूझ रहे हैं और अगले तीन महीने में छह टेस्ट और खेलने हैं जिनमें 2 वेस्टइंडीज और 4 ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शामिल है. चयनकर्ताओं ने कोहली के कार्यभार को लेकर भी एहतियात बरती है. 

कुछ नए चेहरे भी हैं इस बार
एशिया कप के लिए अंबाती रायडू, मनीष पांडे और केदार जाधव को टीम में शामिल किया गया है जो कि इंग्लैंड दौरे के हिस्सा नहीं थे. हाल में हुए घरेलू और लिस्ट ए के टूर्नामेंट में मनीष पांडे काफी अच्छा परफॉर्म किया है. अंबाती रायडू भी यो-यो टेस्ट में कामयाब रहे और भारत ए के लिए रन भी बनाए. केदार जाधव भी फिट हैं और उपयोगी ऑफ ब्रेक गेंदबाज भी हैं. टीम में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद को पहली बार जगह दी गई है.

19 सितंबर को भिड़ेंगे भारत-पाकिस्तान
गत चैंपियन भारत एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में 19 सितंबर को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगा जबकि इससे एक दिन पहले टीम अपने अभियान की शुरुआत क्वालीफायर के खिलाफ करेगी. 

टीम इंडिया:
रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन (उपकप्तान), केएल राहुल, अंबाती रायुडू, मनीष पांडे, केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी, दिनेश कार्तिक, कुलदीप यादव, हार्दिक पांड्या, युजवेंद्र चहल, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, शार्दुल ठाकुर और खलील अहमद