नई दिल्ली, मशहूर अमेरिकी पत्रकार बॉब वुडवर्ड की नई किताब फियर: ट्रंप इन द व्हाइट हाउस में कई ऐसी बातें उजागर हुई हैं जिनको लेकर विवाद जारी है. इसी किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती के बारे में बताया गया है. किताब के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने मित्र के रूप में वर्णित किया जिन्होंने उन्हें बताया कि अफगानिस्तान से अमेरिका को कुछ भी नहीं मिला है. इसके अलावा भी मोदी-ट्रंप से जुड़ी कई बातों का जिक्र किया गया है.

वुडवर्ड ने अपनी किताब ‘Fear: Trump in the White House’ में ट्रंप के हवाले से कहा गया है,‘‘भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मेरे एक मित्र हैं, उन्होंने (ट्रंप) कहा,‘‘ मैं उन्हें बहुत पसंद करता हूं.’’

हालांकि, पुस्तक ने विवाद खड़ा कर दिया था क्योंकि ऐसा बताया जाता है कि इसमें ट्रंप को अराजक, अस्थिर और अनभिज्ञ के रूप में चित्रित किया गया था. व्हाइट हाउस की ओर से इस किताब को पूरी तरह से काल्पनिक बताया गया है.

वुडवर्ड के अनुसार ट्रंप ने पिछले वर्ष 19 जुलाई को व्हाइट हाउस में एक सिचुऐशन रूम बैठक के दौरान यह प्रतिक्रिया व्यक्त की थी. इससे करीब तीन सप्ताह पहले 26 जून को व्हाइट हाउस में मोदी के साथ ट्रंप की एक सफल बैठक हुई थी.

19 जुलाई की बैठक के दौरान ट्रंप के हवाले से कहा गया कि उन्होंने (मोदी) मुझे बताया कि अमेरिका को अफगानिस्तान से कुछ भी नहीं मिला है, कुछ भी तो नहीं. अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर खनिज संपदा है. हम इसे चीन जैसे दूसरों की तरह नहीं लेते है.’’

ट्रंप ने कहा, "अमेरिका को अफगानिस्तान के कुछ मूल्यवान खनिजों को किसी भी समर्थन के बदले में लाने की जरूरत है. जब तक हम खनिज नहीं पाते हैं तब तक मैं कोई समझौता नहीं कर रहा हूं. अमेरिका को पाकिस्तान को भुगतान करना बंद करना चाहिए जब तक कि वे सहयोग नहीं करते है.’’
इसी किताब में एक अन्य किस्से का ज़िक्र करते हुए बताया गया है कि भारत के प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ डिनर पर जाना चाहते थे. लेकिन ट्रंप ने इस आइडिया को ठुकरा दिया था. मोदी चाहते थे कि ट्रंप और वे कैंप डेविड में जाकर डिनर करें और आपसी मेल बढ़ा सके. बता दें कि कैंप डेविड वो स्थान है जहां पर अमेरिकी राष्ट्रपति एकांतवास में रहते हैं और कई बड़े खास विदेशी मेहमानों के साथ मुलाकात करते हैं.