मुंबई: शिवसेना ने हिंदुत्व के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी को फिर से निशाने पर लिया है. शिवसेना प्रवक्ता संजय रावत ने कहा है भारतीय जनता पार्टी सिर्फ सत्ता को पाने के लिए राम मंदिर के मुद्दे को भुनाती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद राम का नाम भूल जाती है. राउत ने बीजेपी के राम मंदिर के निर्माण की मंशा पर सवाल खड़ा किया है. शिवसेना के सांसद संजय रावत का कहना है कि अगर भारतीय जनता पार्टी इरादा पक्का है तो फिर राम मंदिर का जल्द निर्माण कार्य शुरू करे. 
भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच बयानबाजी का दौर लगातार चल रहा हैं. दोनों दलों के नेता शीर्ष नेता लगातार एक-दूसरे के खिलाफ विवादित बयान दे रहे हैं. बीजेपी विधायक राम कदम के दिए बयान के विवाद के बाद शिवसेना के मुखपत्र सामना में लिखी सम्पादकीय में उनकी तुलना अलाउद्दीन खिलजी से की थी. वहींं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सामना में ही छपे इंटरव्यू में भारतीय जनता पार्टी की नहीं बल्कि भारतीय जनता का सहयोगी होने की बात कही थी. भाजपा सरकार के खिलाफ लाये गए तेलगु देशम के अविश्वास प्रस्ताव के दौरान शिव सेना के सांसद उपस्थित नहीं थें.  
शिवसेना और बीजेपी लगातार एक-दूसरे के खिलाफ खड़े दिख रहे हैं. लम्बे समय तक बीजेपी की गठबंधन सहयोगी रही शिवसेना और बीजेपी के ताल्लुकात सही नहीं हैं. शिवसेना के महाराष्ट्र और केंद्र में सरकार बनने के बाद  रहे अड़ियल रुख की वजह से भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओ ने अपनी राजनीती का रुख पहले हीं बदल लिया है. इससे पहले भी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने महाराष्ट्र के पार्टी कार्यकर्ताओ को अगले चुनाव में अकेले लड़ने का आह्वान किया था.