नई दिल्ली । पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी  की कैबिनेट में मंत्री रहे जसवंत सिंह के पुत्र मानवेंद्र सिंह ने कहा कि वह अब तक अपने पिता को नहीं बता पाए हैं उनके निकट दोस्त वाजपेयी अब इस दुनिया में नहीं हैं। राजस्थान के बाड़मेर से भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह ने अपने ब्लॉग में पिता जसवंत सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़े कई किस्सों को याद किया। मानवेंद्र ने कहा अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में उनके पिता 'संकटमोचक' की भूमिका थे। वाजपेयी उनको मजाक में 'हनुमान' कहते थे। मानवेंद्र ने बताया जिन्ना पर लिखी किताब पर हुए बयान के बाद जब उनके पिता को पार्टी से निकाला गया तो सिर्फ वाजपेयी ने उनको फोन करके बुलाया था और इस फैसले के खिलाफ गुस्सा और दर्द जाहिर किया। वाजपेयी उन दिनों बीमार थे। वह बहुत ही उदास थे और जो उन्होंने उस समय मेरे पिता से कहा उसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। 

मानवेंद्र ने बताया कि मेरे पिता हमेशा अटल-आडवाणी की दोस्ती का जिक्र किया करते थे। वह कहते थे कि इतने लंबे समय तक एक दूसरे के प्रति परस्पर विश्वास, पारदर्शिता वाली दोस्ती भारतीय राजनीति में कभी नहीं देखी गई। यह दोस्ती वैचारिक प्रतिबद्धता, निजी संतुलन के दम पर 60 सालों से ज्यादा समय से सुख-दुख में एक समान चल रही है। मानवेंद्र बताया कि उनके पिता इस समय बीमार हैं और अभी तक उनको वाजपेयी के रहने के बारे में नहीं बताया गया है, इससे उनकी हालत पर असर पड़ सकता है। आपको बता दें कि वाजपेयी सरकार में जसवंत सिंह विदेश मंत्री और वित्तमंत्री रहे थे। चार साल पहले उनको ब्रेन हेमरेज हुआ था उसके बाद से वह डॉक्टरों की सतत निगरानी में हैं।