गोमतीनगर,  गोमतीनगर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टरों ने गुर्दे की पथरी के इलाज में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। डॉक्टरों ने हरदोई के मरीज के गुर्दों से 2800 से ज्यादा पथरी निकालने में कामयाबी हासिल की है। डॉक्टरों का दावा है कि अभी तक दिल्ली के एक अस्पताल में गुर्दे से 856 पथरी निकालने का रिकार्ड दर्ज है। ऑपरेशन के बाद मरीज की तबीयत में सुधार है। हरदोई के शाहाबाद निवासी राम प्रकाश (48) को पेट में दर्द की शिकायत हुई। डॉक्टरों ने खून व अल्ट्रासाउंड जांच कराई। जांच में गुर्दे में पथरी की पुष्टि हुई। खून की जांच में क्रिटिनिन का स्तर 1.72 पाया था। परिवारीजन मरीज को लेकर लोहिया संस्थान आए। यहां यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ईश्वर राम दयाल ने मरीज को ओपीडी में देखा। क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) की पुष्टि की। जांच में पता चला मरीज के गुर्दो में तीन बड़े व छोटे-छोटे कई पत्थर हैं। डॉ. ईश्वर राम दयाल ने ऑपरेशन की सलाह दी।


ऑपरेशन शुरू किया तो देखी पथरी

यूरोलॉजी विभाग में 17 मार्च को मरीज भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन की तैयारी शुरू की। दाहिने गुर्दे में एक पथरी थी। जिसे लेजर मशीन से तोड़कर निकाल दिया गया। वहीं बाई गुर्दे में दो बड़ी पथरी नजर आईं। जिसे लेजर से तोड़ कर बाहर निकाली गई। डॉ. ईश्वर राम दयाल ने बताया कि गुर्दे में छोटी-छोटी ढेरों पथरी नजर आईं। इसके बाद सक्शन मशीन से पथरी खीच कर निकाली गईं।


वार्ड ब्वॉय से गिनाई पथरी

ढेरों पथरी देख डॉक्टर चकरा गए। डॉक्टरों की टीम को कुछ सूझ नहीं रहा था। इसके बाद टीम के सदस्यों ने वार्ड ब्वॉय को पथरी गिनने के लिए बुलाया। करीब एक घंटे की मेहनत के बाद वार्ड ब्वॉय पथरी गिन पाया। डॉ. ईश्वर राम दयाल ने बताया कि भारत में इतनी पथरी निकालने का कोई भी मामला दर्ज नहीं है। दिल्ली के एक अस्पताल में 856 पथरी निकाले जाने की पुष्टि हुई थी।


मुफ्त हुआ ऑपरेशन

मरीज राम प्रकाश बीपीएल कार्ड धारक हैं। इसलिए संस्थान प्रशासन ने मरीज का मुफ्त ऑपरेशन कराने का फैसला किया। डॉ. ईश्वर ने बताया कि सरकार की योजना के तहत मरीज का ऑपरेशन हुआ किया गया है। किसी भी प्राइवेट अस्पताल में डेढ़ से दो लाख रुपये में यह ऑपरेशन होता। मरीज की तबीयत में सुधार है।


अब तक 30 प्रत्यारोपण

संस्थान के निदेशक डॉ. दीपक मालवीय ने बताया कि गुर्दे के मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। संस्थान में अब तक 30 गुर्दा प्रत्यारोपण हो चुके हैं। नेफ्रोलॉजी व यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। डायलिसिस की सुविधा संस्थान में है। गुर्दा मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


ये हैं ऑपरेशन टीम के हीरो

यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ईश्वर राम दयाल, डॉ. आकाश, एनस्थीसिया विभाग के डॉ. अनुराग, डॉ. विकास शामिल थे। वहीं पैरामेडिकल स्टाफ में अवधेश शर्मा व टेक्नीकल स्टाफ प्रमोद पांडेय शामिल थे।