नई दिल्लीः भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। उनके रांची के फ्लैट अब नीलाम हो सकते हैं। रांची के डोरंडा में शिवम प्लाजा नामक बिल्डिंग में धोनी ने तीन फ्लोर खरीदे थे। दरअसल, बिल्डर दुर्गा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड इस बिल्डिंग को बनवा रही थी। उन्होंने इसे बनाने के लिए हुडकों (हाउसिंग अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) से 12 करोड़ 95 लाख रुपए का लोन लिया था।

10 माले की बनने वाली इस बिल्डिंग का काम चल ही रहा था कि जमीन मालिक से दुर्गा डेवलपर्स का विवाद हो गया। इस कारण 6 करोड़ देने के बाद हुडकों ने दुर्गा डेवलपर्स के लोन का बाकी हिस्सा रोक दिया। जिसके बाद सिर्फ 6 मंजिल बनने के बाद इस बिल्डिंग का काम रुक गया। लोन चुकाने में देरी के कारण हुडको ने कंपनी को डिफॉल्टर घोषित कर दिया। अब हुडकों ने इसकी नीलामी की तैयारी शुरू कर दी है।

इसके लिए भवन परिसंपत्ति का दो बार मूल्यांकन अलग-अलग कराया गया है। इलाहाबाद स्थित कर्ज वसूली अपीलीय न्यायाधिकरण में नीलाम की आधार राशि तय करने की अपील की है। न्यायाधिकरण की ओर से 6 करोड़ कर्ज की राशि के लिए उचित सूद और हर्जाने की राशि के मुताबिक नीलामी की आधार राशि तय होगी। अब दुर्गा डेवलपर्स और हुडको के बीच की इस कानूनी लड़ाई में धोनी के करोड़ों रुपए फंस गए हैं।

इस मामले के बाद दुर्गा डेवलपर्स ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि, धोनी ने शिवम प्लाजा में तीन फ्लोर लिए थे। दो फ्लोर हमने दूसरी परियोजना में शिफ्ट कर दिए। डेढ़ करोड़ देकर भाई के नाम से लिया गया ग्राउंड फ्लोर वहीं है। इसमें हमारी गलती नहीं है। हुडको अधिकारियों की साजिश के कारण ये प्रोजेक्ट डेड हुआ है। हमने छह करोड़ में से तीन करोड़ चुका दिए हैं, इसलिए हुडको वाले कानूनी अधिकारों की बजाय मानवता के नाते ग्राउंड फ्लोर को छांटकर ही नीलाम करते तो अच्छा होता। आगे हमारे लिए कई विकल्प खुले हैं।