मध्य प्रदेश में 108 एंबुलेंस के पहिए एक बार फिर थम गए हैं. 108 एंबुलेंस कर्मचारियों ने जिगित्सा हेल्थ केयर प्रबंधन पर सैलरी में कटौती और 480 कर्मचारियों को नौकरी पर वापस न लेने का आरोप लगाते हुए काम बंद कर दिया है.


कर्मचारियों की इस नाराजगी के बाद प्रदेश भर में 108 एंबुलेंस के पहिए थम गए हैं. एंबुलेंस कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर मारपीट का आरोप भी लगाया है. भोपाल में भी इस हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है. यहां कर्मचारियों ने एंबुलेंस चलाने से इनकार कर दिया है.


इंदौर में भी थमे 108 के पहिए


इंदौर में भी 108 कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं. उन्होंने अपनी एंबुलेंस जिला अस्पताल में खड़ी कर दी हैं. कर्मचारियों का कहना है कि जिगित्सा कंपनी पिछले कई महीनों से उन्हें परेशान कर रही है. कर्मचारियों को होल्ड पर रखकर प्रता़डित किया जा रहा है. 10 से 12 घंटे काम करने के बावजूद वेतन में से मनमानी कटौती की जा रही है, जब तक उनकी कटी हुई सैलरी वापस नहीं होगी उनकी हड़ताल जारी रहेगी.


जिगित्सा की सफाई

शनिवार रात 3 बजे अचानक धरने पर बैठे 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की मांगो पर अब जिगित्सा हेल्थ केयर ने सफाई दी है. उनका कहना है कि तमाम समझाइश के बाद भी एबुंलेंस कर्मचारी उनकी बातें न मानते हुए बार-बार हड़ताल पर जा रहे हैं जो कि सही नहीं है.


प्रबंधन ने कर्मचारियों के साथ मारपीट की बात को नकारते हुए कहा कि कर्मचारियों के वेतन में कोई कटौती नहीं की गई. यदि वेतन में कटौती की भी गई है तो वह श्रम आयुक्त के आदेशानुसार ही हो रहा है.