नई दिल्ली 11,400 करोड़ के पीएनबी स्कैम मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही हुई है। बैंक ने अपने 18,000 कर्मचारियों को ट्रांसफर कर दिया है। माना जा रहा है कि सीवीसी के आदेश के बाद यह फैसला लिया गया है। जिन कर्मचारियों का ट्रांसफर किया गया है उसमें से अधिकांश ऐसे हैं जो तीन साल से अधिक समय से एक ही ब्रांच में जमे हुए थे, वहीं कुछ ऐसे भी कर्मचारियों पर गाज गिरी है जिन्हें 2 महीने बाद रिटायर होना है। वहीं बैंक यूनियन ने सरकार से इस ट्रांसफर प्रक्रिया को रोकने की अपील की है।


क्या था CVC का आदेश:


जानकारी के लिए आपको बता दें कि केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने बैंकों को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा था कि एक ही ब्रांच में कई साल से कर्मचारी की तैनाती घोटाले की आशंका को तेज करती है। लिहाजा 21 फरवरी तक 3 साल से ज्यादा वक्त से एक ही पोस्ट और ब्रांच में काम कर रहे बैंक अफसर और 5 साल से ज्यादा वक्त से एक ही ब्रांच में काम कर रहे क्लर्कों की सूची तैयार की जाए। इसके बाद ही उनकी तबादला प्रक्रिया शुरू की जाए।

विजय अग्रवाल बोले भागे नहीं हैं नीरव मोदी: देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले के आरोपी नीरव मोदी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा है कि इस पूरे मामले की जानकारी पंजाब नेशनल बैंक को थी। बैंक ने करोड़ों रुपए का कमीशन लिया है, जिसको अब वे मान नहीं रहे हैं। यह बैंक की ओर से किए गए व्यवसायिक लेन देन थे, जिसे अब फ्रॉड बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पूरे लेन देन में बैंक को इसका हिस्सा तब से अब तक कई बार दिया जा चुका है। नीरव मोदी के देश छोड़ने के सवाल पर विजय अग्रवाल ने कहा कि वे भागे नहीं हैं। उनका व्यापार वैश्विक है। उन्होंने कहा कि जब इस केस का खुलासा हुआ उस समय उनके क्लाइंट नीरव मोदी पहले से ही बिजनेस के सिलसिले में बाहर गए हुए थे और अब उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है। उनके परिवार के कुछ सदस्य विदेशी नागरिक हैं और वे ज्यादातर बाहर ही रहते हैं।