मुंबई। शाहरुख खान ने सुपरस्टार और उनकी फीस को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। हो सकता है कि कई सुपरस्टार्स को उनकी यह बात रास न आये। लेकिन शाहरुख ने अपनी बात स्पष्ट रूप से रखते हुए कही है। शाहरुख खान ने मुंबई में आयोजित मीडिया मैग्नेटिक महाराष्ट कनवर्जेंस समिट के दौरान कहा कि यह हकीकत है कि बड़ी बजट की जो फिल्में होती हैं। उनका ज्यादा पैसा तो स्टार के खाते में चला जाता है। जबकि अगर वही पैसा फिल्म की मेकिंग और प्रोडक्शन में खर्च किया जाये तो बॉलीवुड में और भी अच्छी फिल्में बनाने के आसार बढ़ जायेंगे।

शाहरुख का कहना है कि भारत में हर साल लगभग हजार फिल्में बनती हैं। लेकिन बातचीत केवल 15 से 20 फिल्मों की होती हैं। बाकी की फिल्मों के बिजनेस पर भी किसी का ध्यान नहीं जाता है। लेकिन अब समय के साथ छोटे बजट की फिल्में भी आ रही हैं और उन्हें भी नये प्लैटफॉर्म मिल रहे हैं। शाहरुख का मानना है कि पिछले कुछ दिनों पर अगर गौर करें तो न्यूटन जैसी फिल्मों ने भी जम कर पैसे कमाये हैं। शाहरुख का यह भी मानना है कि अब दर्शकों की पसंद बदल गयी है। लोगों के पास तरह-तरह के प्लैटफॉर्म आ रहे हैं। शाहरुख ने आगे अपनी बात रखते हुए कहा है कि फिल्म व्यवसाय को ध्यान में रखते हुए आप गौर करें तो शुरुआती दौर में आपको सुपरस्टार वाली फिल्मों पर पैसे लगाने से बचना चाहिए। चूंकि बड़े स्टार्स की फिल्में महंगी हो जाती हैं। शाहरुख ने इस दौरान खुद ही स्वीकार लिया है कि स्टार अधिक पैसे लेते हैं और फिर निर्माता अपने बजट को संभाल नहीं पाते और उनका सही तरीके से उपयोग नहीं हो पाता है।शाहरुख का मानना है कि फिल्म प्रोडक्शन में सही बजट का इस्तेमाल होना बेहद जरूरी है। शाहरुख ने आगे कहा कि बड़े स्टार्स को अपने पैसे को प्रोडक्शन की लागत में लगाना अगर संभव हो तो लगाना चाहिए, चूंकि इससे फिल्में और बेहतरीन बन पायेंगी। शाहरुख खान ने इस बात पर भी पूरा जोर दिया है कि छोटे बजट की फिल्मों को आगे आना ही चाहिए। शाहरुख की इन बातों से क्या अनुमान लगाया जा सकता है कि अब शाहरुख भी छोटे बजट की फिल्मों के निर्माण की तरफ रुख कर सकते हैं अपनी प्रोडक्शन कंपनी रेड चिलीज के माध्यम से।
शाहरुख ने चूंकि स्पष्ट रूप से यह बात रख दी है है छोटे बजट की अच्छी फिल्में ही आने वाला भविष्य है। हां, साथ ही कुछ बड़ी फिल्में और बड़े स्टार्स की फिल्में बनती रहनी चाहिए।