मध्य प्रदेश में शराबबंदी नहीं होगी, यह बात राज्य के वित्तमंत्री जयंत मलैया ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कही.

मलैया ने राजधानी भोपाल में बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने यह कभी नहीं कहा कि प्रदेश में शराबबंदी होगी. सरकार शराब के दुष्प्रभावों से आमजन को अवगत कराने के लिए जागरुकता अभियान चलाएगी ताकि लोग इसका उपयोग कम करें और इससे बचें.

राज्य में काफी सालों से आम लोग उम्मीद लगाए हुए थे कि प्रदेश में भी बिहार की तरह शराबबंदी लागू होगी मगर वित्तमंत्री मलैया के बयान ने शराबबंदी के पक्षधरों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा के दौरान नर्मदा नदी के किनारे से शराब की दुकानों हटाने का ऐलान किया था.

तीन दिन पहले ही मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक कार्यक्रम में शामिल हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी पर बोलते हुए कहा कि बहुत से राज्य शराबबंदी के लिए हिम्मत नही जुटा पाते हैं. हमने करके दिखाया.

मध्य प्रदेश में शिवराज कैबिनेट ने हाल ही में नयी शराब नीति को मंजूरी दी है.

क्या-क्या होगा नई आबकारी नीति में

-नशे की हालत में अपराध करने पर सजा में छूट खत्म करने का प्रस्ताव शामिल

-शराब पीकर अपराध करने पर आईपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई की अनुशंसा गृह विभाग को की जाएगी

-अवैध शराब बेचने पर 10 साल तक की सजा और 10 लाख रुपए तक का जुर्माने का प्रावधान

-कार में बैठकर शराब पीना भी अपराध की श्रेणी में माना जाएगा

-जहरीली शराब पीने से होने वाली मौत पर 4 लाख तक मुआवजे का प्रावधान

-शराब पीकर गाड़ी चलाने पर लाइसेंस सस्पेंड होगा

-पहली बार में छह महीने, दूसरी बार में 2 साल तीसरी बार में परमानेंट रद्द होगा लाइसेंस

-इस बारे में परिवहन विभाग को अनुशंसा की जाएगी

-अवैध शराब की रोकथाम के लिए शराब बोतलों पर होलोग्राम लगाए जाएंगे

-शराब की क्वालिटी जांचने के लिए मोबाइल नंबर जारी किया जाएगा