Tuesday, 10 December 2019, 5:14 AM
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ज्ञान के रास्ते पर

Updated on 9 December, 2019, 6:00
गौतम बुद्ध के प्रवचन में एक व्यक्ति रोज आता था और बड़े ध्यान से उनकी बातें सुनता था। बुद्ध अपने... आगे पढ़े

ईश्वर का दोस्त

Updated on 8 December, 2019, 6:00
एक संत ने एक रात स्वप्न देखा कि उनके पास एक देवदूत आया है। देवदूत के हाथ में एक सूची... आगे पढ़े

मन का प्रिय

Updated on 7 December, 2019, 6:15
एक प्रोफेसर अपने कमरे में बैठे थे। उनके पास एक व्यक्ति आकर बोला, 'धन्यवाद, आप जैसा परिश्रमी और योग्य प्रोफेसर... आगे पढ़े

मन को जगाएं

Updated on 6 December, 2019, 6:00
दूसरा महायुद्ध चल रहा था। भीषण बमवर्षा हो रही थी। पूरा लंदन नगर संत्रस्त था। सारे नगर में भय का... आगे पढ़े

अपना दृष्टिकोण 

Updated on 5 December, 2019, 6:00
एक कन्या ने अपने पिता से कहा, 'मैं किसी पुरातत्वविद् से विवाह करना चाहती हूं।'   पिता ने पूछा, 'क्यों?'... आगे पढ़े

अनुभव का लाभ 

Updated on 4 December, 2019, 6:00
एक विदेशी राजा ने भारत पर आप्रमण करना चाहा। उसने सोचा कि आप्रमण से पूर्व यह जान लेना चाहिए कि... आगे पढ़े

गुरु का पाठ 

Updated on 3 December, 2019, 6:00
गंगा के किनारे बने एक आश्रम में महर्षि मुद्गल अपने अनेक शिष्यों को शिक्षा प्रदान किया करते थे। उन दिनों... आगे पढ़े

 प्रतिभा की पहचान 

Updated on 2 December, 2019, 6:00
यूनान के किसी गांव का एक लड़का लकड़ियां काटकर गुजारा करता था। वह दिन भर जंगल में लकड़ियां काटता और... आगे पढ़े

विनम्रता का पाठ 

Updated on 1 December, 2019, 6:00
पंडित विद्याभूषण बहुत बड़े विद्वान थे। दूर-दूर तक उनकी चर्चा होती थी। उनके पड़ोस में एक अशिक्षित व्यक्ति रहते थे-रामसेवक।... आगे पढ़े

 सबसे बड़ी दौलत 

Updated on 30 November, 2019, 6:00
एक विधवा अध्यापिका के दो बेटे थे। वह उन्हें गुरुकुल में अच्छी शिक्षा दिला रही थी। वह खुद भी अनेक... आगे पढ़े

राजा का खजाना 

Updated on 28 November, 2019, 6:00
फारस के शासक साइरस अपनी प्रजा की भलाई में जुटे रहते थे। लेकिन खुद उनका जीवन सादगी से भरा था।... आगे पढ़े

संत की सीख

Updated on 27 November, 2019, 6:00
एक धनी सेठ ने एक संत के पास आकर उनसे प्रार्थना की, 'महाराज, मैं आत्मज्ञान प्राप्त करने के लिए साधना... आगे पढ़े

भावना भी समझें 

Updated on 26 November, 2019, 6:00
एक आदमी बस में रोजाना ही यात्रा करता था। वह बस में केले खाता और छिलके को खिड़की से फेंक... आगे पढ़े

 ईश्वर का स्वरूप क्या है? 

Updated on 25 November, 2019, 6:00
पहले अपने स्वरूप को जानों   एक महात्मा से किसी ने पूछा- 'ईश्वर का स्वरूप क्या है?'    महात्मा ने उसी से... आगे पढ़े

बद्धजीव का कर्मक्षेत्र 

Updated on 24 November, 2019, 6:00
अर्जुन प्रकृति, पुरुष, क्षेत्र, क्षेत्रज्ञ, ज्ञान तथा ज्ञेय के विषय में जानने का इच्छुक था। जब उसने इनके विषय में... आगे पढ़े

 अहिंसा का स्वरूप 

Updated on 23 November, 2019, 6:00
सामान्यत: अहिंसा को निषेधार्थक माना जाता है। ‘न हिंसा -अहिंसा’- हिंसा का अभाव अहिंसा है, यह इसकी एकांगी परिभाषा है।... आगे पढ़े

उपाय भी ठीक हो 

Updated on 22 November, 2019, 6:00
उपाय सम्यप् होना चाहिए। उपाय का बड़ा महत्व होता है। जहां समस्या आती है, आदमी उपाय खोजता है। समाधान तब... आगे पढ़े

 सेवाभाव ही सर्वोपरि 

Updated on 21 November, 2019, 6:00
एकनाथ देवगढ़ राज्य के दीवान जनार्दन स्वामी के शिष्य। एक बार गुरू देव ने एकनाथ को राजदरबार का हिसाब करने... आगे पढ़े

कुसंग का फल 

Updated on 20 November, 2019, 6:00
प्रतिदिन कुछ बगुले आकर एक किसान के खेत की फसल बर्बाद कर जाया करते थे। इसे देखकर किसान ने उन... आगे पढ़े

मूल्य भावना का 

Updated on 19 November, 2019, 6:00
भगवान बुद्ध जेतवन में ठहरे हुए थे। हर सुबह वह भिक्षावृत्ति को निकलते तो उन्हें मार्ग में एक किसान अपने... आगे पढ़े

 आहार का असर 

Updated on 18 November, 2019, 6:00
आदमी बीमार हो गया। रक्त चढ़ाने की जरूरत हुई। डॉक्टर रक्त चढ़ाता है, तो पहले वह ग्रुप मिलाता है। किस... आगे पढ़े

समता की अनुभूति 

Updated on 17 November, 2019, 6:00
मनोबल के विकास का दूसरा सूत्र बताया गया है- स्व दर्शन समता का दर्शन या परमात्मा का दर्शन। प्रांस की... आगे पढ़े

चैतन्यता जरूरी 

Updated on 16 November, 2019, 6:00
स्मृति और विस्मृति दोनों संतुलन अपेक्षित हैं। कुछेक व्यक्तियों में विस्मृति की बड़ी मात्रा होती है। वह हमारी चेतना की... आगे पढ़े

उपाय भी ठीक से हो 

Updated on 15 November, 2019, 6:00
एक सास ने बहू से कहा, 'बहूरानी! मैं अभी बाहर जा रही हूं। एक बात का ध्यान रहे, घर में... आगे पढ़े

सफलता का मार्ग 

Updated on 14 November, 2019, 6:00
संग्रह की वृत्ति बहिमरुखता का लक्षण है। साधक क्षणजीवी होता है। अतीत की स्मृति और भविष्य की चिंता वह करता... आगे पढ़े

संवेदनशील और सबल बनो 

Updated on 13 November, 2019, 6:00
सदाचार का तब तक पालन किए जाओ जब तक यह तुम्हारा स्वभाव न बन जाए। मित्रता, दया और ध्यान का... आगे पढ़े

मनोबल कम न हो 

Updated on 12 November, 2019, 6:00
जीवन की जितनी अनिवार्य आवश्यकताएं हैं, वे वास्तविक समस्याएं हैं। कुछ समस्याएं हमारी काल्पनिक भी हैं। काल्पनिक समस्याएं भी कम... आगे पढ़े

पूर्वाग्रह न पालें 

Updated on 11 November, 2019, 6:00
पुत्र वयस्क हो चुका था। उसने एक दिन पिता से कहा, 'पिताजी! आज से मैं आपके साथ भोजन नहीं करूंगा।'... आगे पढ़े

 निष्ठावान बने रहें 

Updated on 10 November, 2019, 6:00
एक किसान शहर में आया। गहनों की दुकान पर गया। गहने खरीदे, सोने के गहने, चमकदार। दुकानदार ने मूल्य मांगा।... आगे पढ़े

विचारों की तरंगें

Updated on 9 November, 2019, 6:00
राजा की सवारी निकल रही थी। सर्वत्र जय-जयकार हो रही थी। सवारी बाजार के मध्य से गुजर रही थी। राजा... आगे पढ़े